
We make a living by what we get. We make a life by what we give.
WHAT IS OUR LIFE...? THIS IS A VERY IMPORTANT QUESTION FOR US. WE SHOULD BE FIND THE ANSWER OF THIS QUESTION, MAY IT WILL BE DELLAY...? WE ALL HAVE A LAST WISH THAT WE WOULD BE RESPECTED BY OUR CHILDREN... BUT QUESTION IS THAT ARE WE DOING THE SAME WITH OUR PARENTS.....?????? THINK ABOUT IT SERIOUSLY... PLEASE... KAHIN DER NA HO JAAYE...........









“I don't know if I continue, even today, always liking myself. But what I learned to do many years ago was to forgive myself. It is very important for every human being to forgive herself or himself because if you live, you will make mistakes- it is inevitable. But once you do and you see the mistake, then you forgive yourself and say, 'well, if I'd known better I'd have done better,' that's all. So you say to people who you think you may have injured, 'I'm sorry,' and then you say to yourself, 'I'm sorry.' If we all hold on to the mistake, we can't see our own glory in the mirror because we have the mistake between our faces and the mirror; we can't see what we're capable of being. You can ask forgiveness of others, but in the end the real forgiveness is in one's own self. I think that young men and women are so caught by the way they see themselves. Now mind you. When a larger society sees them as unattractive, as threats, as too black or too white or too poor or too fat or too thin or too sexual or too asexual, that's rough. But you can overcome that. The real difficulty is to overcome how you think about yourself. If we don't have that we never grow, we never learn, and sure as hell we should never teach.”
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का सलमान खान और फराह खान से मतभेद जगजाहिर है। पिछले दिनों एक शो पर उन्होंने इस बात को कुबूल किया कि वो अपने दोस्तों से अपनी गलतियों के लिए सॉरी बोल पाने में असमर्थ रहे, इसी कारण उन्होंने अपने करीबी दोस्तों को खो दिया।
गलती करना तो इंसान का स्वभाव होता है लेकिन गलती मानना हर इंसान का स्वभाव नहीं होता।
कई बार दो अक्षरों का लफ्ज सॉरी बोलना बेहद मुश्किल हो जाता है। हम सब जानते हैं कि अगर सही तरह से सॉरी बोला जाए तो बडी से बडी गलती की भी माफी मिल सकती है।
माफी मांगने का तरीका काफी हद तक हमारे मनोविज्ञान से जुडा होता है।
I think :
" इंसानी फितरत में अहंकार अहम भूमिका अदा करता है। ऐसे में कई बार इंसान चाह कर भी सॉरी नहीं बोल पाता। कई बार ज्यादा करीबी रिश्तों में फॉर ग्रांटेड लेने की वजह से भी सॉरी बोल पाना जरा मुश्किल सा लगता है। लेकिन अगर आपको समय पर अपनी गलती का अहसास हो जाए तो संबंध खराब होने से बच जाते हैं।
गलती का अहसास होने के साथ गलती की माफी मांगना भी उतना ही जरूरी है।
माफी मांगने का सही तरीका भी यहां बहुत अहमियत रखता है। सही तरीका यानी सामने वाले को यह पता चल जाना चाहिए कि आपको वाकई अपनी गलती पर अफसोस है।
माफी मांगना तब तक कारगर नहीं होता जब तक आप खुद से यह प्रण न कर लें कि दोबारा आप वही गलती नहीं करेंगे। डॉ. विचित्रा कहती हैं, फिल्म चक दे में एक सीन था जब एक हॉकी प्लेयर दूसरी को सॉरी बोलती है। एक बार में जवाब न देने पर वह कहती है.. सॉरी देती है कि नहीं, वरना दूं एक रख के..।
माफी मांगने का यह तरीका उपयुक्त नहीं है। अगर सही तरीके से माफी मांगी जाए तो बात आसानी से बन जाती है।
कई बार बात खत्म करने के लिए एक पक्ष का माफी मांगना अच्छा रहता है।
माफी मांगने से कोई छोटा-बडा नहीं होता। इसमें ईगो की भी बात नहीं होती। बस इस जरा से लफ्ज से कोई भी मसला आसानी से सुलझ जाता है। हां, इसे बोल पाना जरा मुश्किल जरूर होता है लेकिन यह काफी असरदार चीज है।
मसलन शाहरुख को ही ले लीजिए। अगर यह सॉरी जो उन्होंने शो पर बोला अपने दोस्तों के सामने बोल सकते तो शायद उनके करीबी लोग उनके साथ होते।
कई कपल्स आते हैं जिनमें सिर्फ यही प्रॉब्लम होती है कि वो एक-दूसरे से मौके पर सॉरी नहीं बोल पाते।
अगर समय रहते छोटी-सी बात को छोटे से सॉरी के साथ निबटा लिया जाए तो बातों का ढेर नहीं लगता और रिश्ते आसानी से चलते रहते हैं।
यानी अगर एक लफ्ज से टूटे हुए दिल जुड सकते हैं.....
तो इसका प्रयोग करने में संकोच कैसा !!!!!!???????
DILSHAD SAIFI
+91-9015563789




